जयपुर, 28 अगस्त (Udaipur Kiran) । राजस्थान की ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ उन तक पहुंचाने के लिए अब राज्य के सभी विभाग मिलकर काम करेंगे। इसके लिए शुक्रवार को राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद् (राजीविका) द्वारा शासन सचिवालय में राजीविका की राज्य मिशन निदेशक, नेहा गिरी की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय ‘कन्वर्जेन्स बैठक’ का आयोजन किया गया।
राज्य मिशन निदेशक, नेहा गिरी ने सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए, ताकि राजस्थान की ग्रामीण महिलाओं को अधिक से अधिक सरकारी योजनाओं से जोड़कर उन्हें सशक्त बनाया जा सके।
राजीविका परियोजना निदेशक प्रीति सिंह ने स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की संरचना और उद्देश्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। राज्य परियोजना प्रबंधक नीरू तुलसीराम मीना ने राजीविका के अंतर्गत संचालित सामाजिक समावेश एवं सामाजिक विकास की गतिविधियों, स्वास्थ्य, पोषण एवं स्वच्छता, जेंडर, समावेशी आजीविका योजना, वीपीआरपी एवं दिव्यांगजन समूह आदि की जानकारी दी, जो महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
बैठक में पंचायतीराज विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, पुलिस और सामाजिक न्याय विभाग सहित कुल 13 विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। सभी विभागों ने अपनी महिला-केंद्रित योजनाओं को राजीविका के एसएचजी नेटवर्क के माध्यम से प्राथमिकता के आधार पर जोड़ने पर सहमति जताई। इस प्रयास में यूनिसेफ, साईटसेवर्स और द नज जैसी सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार रखे।
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(Udaipur Kiran)
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